न पगली तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन हैं,जो हर बात पर कहतें है, तुझे नही छोड़ेंगे।
गुलजार की शायरी में जिंदगी की वो बारीकियाँ होती हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उनकी लिखी शायरी हमें जीवन के छोटे-छोटे पलों में छिपे बड़े सबक सिखाती है, जिसमें एक अलग ही मिठास और गहराई होती है।
कितना प्यार करते है तुमसे ये कहाँ नहीं जाता,
इस जालिम से छुटकारा पाओ आज इसने एक और आशिक पाला है۔
ना HINDI SHAYARI शिकायत है ना कोई गिला,बस अब अकेले जीना भी लगने लगा है सिला।
फर्क बस इतना है कि कोई समय पर समझ जाता है,
कोई किस्मत वाला ले जाएगा तुम्हें हम प्यार करते ही रह जाएंगे।
✋ अपनी हथेली की लकीरों को मिटते हुए देखा है,
पलकों पे बसा रखा है तेरा ख्वाब मैंने,तू ही है जिसमें बसी है मेरी सारी दुनिया। ❤️
यूं तो फरिश्तों ने भी एक फ़रिश्ते का साथ छोड़ दिया
हम हारि हुई बाजी को भी जीत लिया करते है ।।
️ अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का,
तजुर्बा कहता है मोब्बत से किनारा कर लूं
लबों पर मुस्कान और आंखों में नमी ले आती हैं।”